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India में Criminal Case की शिकायत कैसे दर्ज करें? Step-by-Step Guide

India में criminal case की शिकायत, FIR और police complaint दर्ज करने की step-by-step प्रक्रिया जानिए।

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Published 14 September 2026

भारत में किसी अपराध का सामना होने पर सबसे पहला सवाल अक्सर यही होता है कि criminal case की शिकायत कैसे दर्ज करें? शिकायत पुलिस स्टेशन में जाकर, लागू प्रक्रिया के अनुसार electronic communication के माध्यम से या कुछ परिस्थितियों में अन्य कानूनी माध्यमों से शुरू की जा सकती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर शिकायत सीधे FIR में परिवर्तित नहीं होती। अपराध की प्रकृति—विशेष रूप से वह cognizable है या non-cognizable—के आधार पर आगे की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

वर्तमान में criminal procedure के लिए Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS) लागू है। BNSS में cognizable offence का अर्थ ऐसा अपराध है जिसमें कानून के अनुसार पुलिस बिना warrant arrest कर सकती है।

Criminal case की शिकायत और FIR में क्या अंतर है?

Police complaint किसी अपराध या घटना के बारे में पुलिस को दी गई सूचना है। FIR यानी First Information Report मुख्य रूप से cognizable offence की सूचना दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी है।

इसलिए हर police complaint का मतलब यह नहीं है कि FIR उसी समय दर्ज हो जाएगी। पुलिस शिकायत की प्रकृति और लागू कानून के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

Step 1: घटना की पूरी जानकारी तैयार करें

शिकायत दर्ज करने से पहले घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करें। शिकायत में सामान्यतः ये बातें शामिल की जा सकती हैं:

घटना की तारीख और समय

घटना का स्थान

क्या हुआ, उसका स्पष्ट विवरण

आरोपी की पहचान या उपलब्ध जानकारी

आरोपी का मोबाइल नंबर या पता, यदि मालूम हो

गवाहों की जानकारी, यदि उपलब्ध हो

चोट या नुकसान का विवरण

CCTV, photographs या videos

WhatsApp chats, emails या अन्य digital evidence

संबंधित documents या transaction records

शिकायत में केवल अनुमान या बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातें लिखने के बजाय उपलब्ध तथ्यों को स्पष्ट रूप से लिखना बेहतर होता है।

Step 2: सही Police Station से संपर्क करें

आमतौर पर शिकायत संबंधित क्षेत्र के police station में दी जा सकती है। लेकिन केवल jurisdiction को लेकर भ्रम होने के कारण शिकायत देने में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।

यदि मामला गंभीर है या तत्काल खतरा मौजूद है, तो पहले emergency police assistance लेना महत्वपूर्ण है।

Delhi में Police की official services में complaint lodging, FIR viewing और कुछ categories के लिए e-FIR जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

Step 3: Written complaint तैयार करें

Criminal case की complaint लिखित रूप में देना उपयोगी रहता है। इसमें घटना को chronological order में लिखें—यानी पहले क्या हुआ, उसके बाद क्या हुआ और वर्तमान में क्या समस्या है।

एक सामान्य complaint में ये details रखी जा सकती हैं:

To:

The Station House Officer

Concerned Police Station

Subject: Complaint regarding [घटना का संक्षिप्त विवरण]

इसके बाद complainant की जानकारी, घटना का विवरण, आरोपी की उपलब्ध जानकारी, evidence और अपेक्षित police action लिखा जा सकता है।

अंत में नाम, पता, contact details, तारीख और signature देना चाहिए।

Step 4: Complaint Police को submit करें

लिखित complaint police station में जमा की जा सकती है। Complaint की एक copy अपने पास रखना अच्छा practice है।

यदि complaint receive की जाती है, तो acknowledgement, diary/DD/GD entry या उपलब्ध complaint reference details को सुरक्षित रखें। इससे बाद में complaint की स्थिति पूछने में सुविधा हो सकती है।

Step 5: Cognizable offence होने पर FIR की प्रक्रिया

यदि सूचना से cognizable offence का खुलासा होता है, तो BNSS के तहत FIR registration की प्रक्रिया लागू हो सकती है।

BNSS में electronic communication के माध्यम से भी information देने का प्रावधान है। ऐसी electronic information को कानून में निर्धारित तरीके से authenticate/sign करना आवश्यक हो सकता है। इसलिए online/electronic complaint और FIR की प्रक्रिया को एक ही चीज मानना सही नहीं है।

Step 6: FIR की copy प्राप्त करें

यदि FIR दर्ज होती है, तो FIR number, police station, date और लगाए गए sections की जानकारी सुरक्षित रखें।

Delhi Police की official system में FIR search/view करने की सुविधा भी उपलब्ध है। FIR search के लिए district, police station और year जैसी जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

FIR की copy को सुरक्षित रखना आगे investigation, bail, court proceedings और legal consultation के दौरान महत्वपूर्ण हो सकता है।

Step 7: Evidence को सुरक्षित रखें

Criminal case में evidence महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए complaint करने के बाद भी उपलब्ध evidence को सुरक्षित रखना चाहिए।

उदाहरण के लिए:

CCTV footage

Mobile recordings

Photographs

Medical reports

Messages

Emails

Social media conversations

Bank transaction records

Call details से संबंधित उपलब्ध information

Documents

Witness details

Digital evidence को edit या manipulate करने से बचना चाहिए। Original files और relevant devices को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।

Step 8: Medical examination कब जरूरी हो सकता है?

यदि घटना में physical injury, assault या sexual offence जैसी परिस्थितियाँ शामिल हैं, तो medical examination महत्वपूर्ण हो सकता है।

Medical records घटना से संबंधित evidence का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में medical assistance लेने में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।

Step 9: अगर Police complaint दर्ज नहीं करती तो क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति की complaint पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो उपलब्ध कानूनी remedies facts और offence की nature पर निर्भर करेंगी।

ऐसी स्थिति में senior police officer के समक्ष complaint भेजने या संबंधित Magistrate के समक्ष appropriate legal remedy लेने की आवश्यकता हो सकती है।

यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है—complaint और FIR की प्रक्रिया में लागू कानून और facts के आधार पर अंतर हो सकता है। इसलिए केवल यह मान लेना कि हर complaint तुरंत FIR में बदलनी चाहिए, हमेशा सही नहीं होगा।

Step 10: Online complaint कब कर सकते हैं?

Online police complaint की सुविधा state और offence category के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

उदाहरण के लिए Delhi Police की official website पर Complaint Lodging, Theft e-FIR, MV Theft e-FIR, View FIR और complaint status जैसी services उपलब्ध हैं।

इसलिए online complaint करते समय अपने state police की official website का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी अनधिकृत website पर personal information साझा करने से बचना चाहिए।

Cyber Crime की शिकायत कैसे करें?

यदि criminal case online fraud, cyber cheating, unauthorized transaction, hacking, social-media harassment या अन्य cyber offence से संबंधित है, तो cyber complaint mechanism का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Financial cyber fraud में जल्दी action लेना महत्वपूर्ण हो सकता है। Delhi Police अपनी official website पर cyber complaints के लिए 1930 और emergency assistance के लिए 112 उपलब्ध कराती है।

Emergency में क्या करें?

यदि अपराध अभी हो रहा है, आरोपी से तत्काल खतरा है या व्यक्ति की safety risk में है, तो पहले emergency assistance लेना चाहिए।

Delhi में Police का ERSS number 112 है और Delhi Police इसे 24×7 emergency response number के रूप में सूचीबद्ध करती है।

Emergency situation में लंबी written complaint तैयार करने में समय गंवाने के बजाय पहले police assistance लेना अधिक महत्वपूर्ण है।

Criminal complaint करते समय किन गलतियों से बचें?

Complaint करते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए:

घटना की गलत तारीख या समय न लिखें।

बिना evidence के गंभीर आरोपों को तथ्य की तरह प्रस्तुत न करें।

Important screenshots या documents delete न करें।

Original evidence को सुरक्षित रखें।

Complaint की copy अपने पास रखें।

FIR number और police station details नोट करें।

Police communication और relevant documents का record रखें।

Serious matter में legal advice लेने पर विचार करें।

क्या Criminal Case की शिकायत के लिए Lawyer जरूरी है?

हर criminal complaint दर्ज कराने के लिए lawyer रखना अनिवार्य नहीं है। व्यक्ति स्वयं भी police complaint दे सकता है।

लेकिन यदि मामला गंभीर है—जैसे serious assault, sexual offence, cheating involving substantial loss, property-related criminal allegations, cyber crime, arrest का खतरा या multiple accused—तो criminal lawyer से legal advice लेना उपयोगी हो सकता है।

Lawyer facts और available evidence के आधार पर complaint की drafting, applicable legal provisions, investigation के दौरान legal rights और आगे की court proceedings के बारे में guidance दे सकता है।

निष्कर्ष

भारत में criminal case की शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया घटना की प्रकृति और लागू कानून पर निर्भर करती है। सामान्य रूप से पहले घटना की जानकारी और evidence तैयार करना, police को complaint देना, cognizable offence होने पर FIR process को समझना और FIR/complaint details सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण कदम हैं।

यदि online complaint उपलब्ध है, तो संबंधित state police की official website का इस्तेमाल किया जा सकता है। Delhi Police की official services में complaint lodging, selected categories के लिए e-FIR और FIR viewing जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

यदि complaint पर कार्रवाई नहीं हो रही हो, आरोपी से खतरा हो या मामला गंभीर हो, तो उपलब्ध legal remedies के बारे में qualified legal professional से सलाह लेना उचित हो सकता है।

यह लेख केवल सामान्य कानूनी जानकारी के लिए है और इसे किसी specific case के लिए legal advice नहीं माना जाना चाहिए। प्रत्येक criminal matter के facts और applicable provisions अलग हो सकते हैं।

भारत में criminal case की शिकायत कैसे दर्ज करें?
Criminal case की शिकायत संबंधित Police Station में लिखित रूप से दी जा सकती है। कुछ मामलों में electronic या online complaint की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। Cognizable offence होने पर FIR की प्रक्रिया लागू हो सकती है।
क्या हर police complaint पर FIR दर्ज होती है?
नहीं। FIR और सामान्य police complaint अलग प्रक्रियाएँ हैं। अपराध की प्रकृति और लागू कानून के अनुसार police आगे की कार्रवाई तय करती है।
क्या criminal complaint online दर्ज की जा सकती है?
कुछ राज्यों और अपराधों के लिए online complaint या e-FIR की सुविधा उपलब्ध है। सुविधा offence और संबंधित Police Department की व्यवस्था पर निर्भर करती है।
FIR दर्ज होने के बाद क्या करना चाहिए?
FIR number, police station, date और लगाए गए legal sections की जानकारी सुरक्षित रखें और FIR की copy प्राप्त करें। उपलब्ध evidence भी सुरक्षित रखना चाहिए।
अगर Police complaint दर्ज नहीं करती तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में facts और offence की nature के अनुसार senior police authority या संबंधित Magistrate के समक्ष उपलब्ध कानूनी remedy अपनाई जा सकती है।
Criminal complaint के लिए कौन-कौन से documents जरूरी हो सकते हैं?
घटना से संबंधित documents, photographs, CCTV, messages, emails, medical records, transaction records और witness details जैसे evidence उपयोगी हो सकते हैं। हर मामले में documents अलग हो सकते हैं।
Cyber crime की शिकायत कहाँ करें?
Cyber crime के लिए संबंधित cyber crime reporting mechanism का इस्तेमाल किया जा सकता है। Delhi Police अपनी official services में cyber complaints के लिए 1930 और emergency assistance के लिए 112 उपलब्ध कराती है।
क्या criminal complaint दर्ज करने के लिए lawyer जरूरी है?
हर मामले में lawyer रखना अनिवार्य नहीं है। लेकिन गंभीर अपराध, arrest के खतरे या जटिल legal issues वाले मामलों में qualified criminal lawyer से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।